भारत के महामहिम राष्ट्रपति न्यू द्रौपदी मुर्मू का जन्म मयूरभंज, उड़ीसा के सामान्य परिवार में 20 जून 1958 शुक्रवार के दिन हुआ था

द्रौपदी मुर्मू ने अपने ही गांव K. B. S  उपरबेड़ा स्कूल, मयूरभंज से अध्ययन कियाऔर फिर कॉलज के लिए रमा देवी महिला कॉलेज, भुवनेश्वर, ओडिशा से कला स्नातकडिग्री प्राप्त करके अध्ययन को यही समाप्त किया। द्रौपदी मुर्मू ka हिन्दू  धर्म है और इनकी संथाल जनजाति { अनुसूचित जनजाति } है

द्रौपदी मुर्मू के परिवार की बात की जाये तो इनके पति का 2008 में निधन ho  गया था और इनके दो बेटे थे   जिनमें से एक का नाम लक्ष्मण मुर्मू था  जिनकी 2009 में मृत्यु हो थी और दूसरे की 2013 में एक एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई थी और इनकी एक  बेटी - इतिश्री मुर्मू जो की एक बैंक कर्मचारी है 

पहले द्रौपदी मुर्मू श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर, राजगांगपुर में सहायक प्रोफेसर थीं। फिर उन्होंने ओडिशा के सिंचाई विभाग में एक कनिष्ठ सहायक के रूप में भी काम किया, लेकिन 1983 में अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी।

1997 में द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के रायरंगपुर जिले के पार्षद उम्मीदवार  के रूप चुनाव में खड़ी हुई, चुनाव जितने के बाद उन्हें रायरंगपुर के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया था।

फिर वर्ष 2000 के विधानसभा चुनावों में, द्रौपदी मुर्मू रायरंगपुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की मंत्री के रूप में चुनी गईं, 

और 2004 तक परिवहन, वाणिज्य, मत्स्य पालन और पशुपालन विभाग का कार्य भार संभाला और फिर रायरंगपुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के विधायक रूप में चुनी गई ।

यूरभंज में भाजपा की जिलाध्यक्ष रही और 2006 से 2009 तक भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया,

फिर  द्रौपदी मुर्मू को मई 2015 में झारखण्ड के राजयपाल के रूप में चुना गया और उन्होंने 2021 तक इस काम को बखूबी किया और अब 2022 में उन्हें भारत के न्यू राष्ट्रपति पद पर सुशोभित किया 

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