IAS Story:  पिता का सपना सच करने के लिये अपना ख्वाब अधूरा छोड़ा, पहले IPS और अब IAS

IAS गरिमा सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के कथौली गांव में 14 फरवरी, 1987 को  हुआ था.

 गरिमा सिंह बचपन में MBBS की पढ़ाई कर डॉक्टर बनना चाहती थीं.लेकिन इनके  पिता ओमकार नाथ सिंह इंजीनियर चाहते थे कि

 वह सिविल सर्विस का एग्जाम देकर IPS या IAS बने, 

 गरिमा सिंह ने ने अपने पापा के सपनों को पूरा करने के लिये खुद के ख्वाब को अधूरा छोड़ा और पहले ही प्रयास में IPS बन गई,

IPS बनने के बाद भी अपनी पढाई को जारी रखा और वर्ष  2015 के यूपीएससी फाइनल एग्मेंजाम व इंटरव्यू को क्रेक कर के  55वीं रैंक हासिल कर IAS बन गई 

गरिमा ने वर्ष 2012 में सिविल सर्विसेज का एग्जाम पास कर IPS बन गईं. इसके बाद वो लखनऊ में 2 साल तक अंडर ट्रेनी एएसपी के तौर पर तैनात रहीं.

 फिर इनकी दूसरी तैनाती झांसी में एसपी सिटी के तौर पर हुई.

इन्होने अपनी IPS की  ड्यूटी के बीच समय निकालकर की तैयारी करती थी  और रोज सुबह एग्जाम प्रिपरेशन करती थीं. 

यही नहीं, संडे की छुट्टी भी उनकी स्टडीज में बीतती थी. 

 गरिमा ने St. Stephen's College, Delhi University से बीए और एमए (हिस्ट्री) की पढ़ाई की है.

गरिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफन कॉलेज से बीए और एमए (हिस्ट्री) की पढ़ाई की है.

गरिमा ने बताया कि, IPS बनने के बाद से मैंने IAS बनने की ठान ली थी. आखिरकार मेरी मेहनत सफल हुई