अलग-अलग कोम्पिटेशन एग्जाम में 30 बार असफल होने के बाद भी मजबूत होसलों से IPS बने....👉

अच्छा और बुरा वक्त हमें हमेशा ही कुछ न कुछ सिखाता ही है ऐसे ही IPS आदित्य कुमार ने अपनी असफलताओं से हमेशा हिया आगे बढ़कर....👉

 सफलता की बुलंदियों को सुमना ही चाहा, कभी भी निराश नहीं हए, वैसे देखा जाये तो ३० बार असफल होने के बावजूद भी....👉

आदित्य ने अपने धैर्य को डगमगाने नहीं दिया। क्यों इसके पीछे कोई करना रहा होगा, तो आईये जानते है आदित्य की पूरी कहानी....👉

आदित्य कुमार  राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव अजीतपुरा का रहने वाला है इन्होने अपनी प्रारम्भिक ८वी तक की पढाई....👉

अपने ही गांव से की और फिर आगे की पढाई के लिए भदरा स्थित ज़िला मुख्यालय स्कूल से १२वी तक की पढाई की १२ वी बोर्ड परीक्षा में....👉

 आदित्य को ६७% बने थे तो आसपडोस और समाज के लोगो ने कहा की अब कोई धंधा{ काम / जॉब्स } कर लो....👉

 क्योकि ऐसे नंबरों से आपको कोई सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।

आदित्य कुमार के माता-पिता दोनों ही शिक्षक हैं। उन दोनों का ही सपना था की आदित्य सिविल सर्विसेज की तयारी करके कोई बाद अफसर बने और....👉

 आदित्य का सपना था की वो एक इंजीनियर बने लेकिन आदित्य ने आमने माता पिता की बात राखी और UPSC की तैयारी में लगा गया और....👉

 साथ में ही राज्य लेवल की छोटे छोटे एग्जाम को भी अटेंड करता रहता था सो कुल मिलकर....👉

आदित्य ने ऐसे ही छोटे छोटे एग्जाम में अपने प्रशिक्षण लेवल की जाच करते रहते थे

आदित्य को लेकर उनके पिता की ख़्वाहिश थी कि वह  upsc की तैयारी करें, क्योंकि उनके पिता भी इसकी तैयारी किये थे....👉

 लेकिन सफल नहीं हो सके। वह अपने सपने को आदित्य के द्वारा पूरा करना चाहते थे और आदित्य को पूरा सपोर्ट किया और प्रेरित भी....👉

आदित्य की अंग्रेज़ी पर अपनी पकड़ कमजोर थी इस लिए  उन्होंने हमेशा ही इंग्लिश न्यूज़ पेपर पढ़ना शुरू किया....👉

 जिसे पूरा पढ़ने में उन्हें 6 घंटे तक भी लग जाते थे। शुरुआत में आदित्य upsc की  प्री एग्जाम में ही असफल हो गये....👉

 लेकिन दूसरी बार काफ़ी मेहनत करने के बाद मेंस एग्जाम को किलियेर कर लिया   लेकिन इंटरव्यू में में असफल हो गये । यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा. 

आदित्य के लिए वर्ष 2017  upsc एग्जाम  के लिए अंतिम साल था,  क्योकि अब इनकी आयु आउट होंने वाली थी....👉

 आदित्य  माता-पिता उन्हें कभी हताश और निराश नहीं किया वह हमेशा पूरा सहयोग करते।....👉

आदित्य ने अपने इस अंतिम वर्ष में सफलता को पाने के लिए  20 घंटे तक पढ़ाई की थी और आखिर कर एग्जाम हुआ और....👉

एग्जाम में आदित्य ने ऑल इंडिया में  630वीं रैंकिंग के साथ अपनी IPS बनने की सफलता दर्ज  किया