राष्ट्रीय ध्वज के रोचक तथ्य - तिरंगे को कफ़न के रूप में उपयोग लिए जाने के बाद में उसका क्या किया जाता है जाने!...👉

तिरंगे को किसी शहीद सैनिक या  मृतक व्यक्ति के ऊपर कफ़न के रूप में उपयोग लेने के बाद...👉

उसे फिर से उपयोग में नहीं लिया जाता है अथवा उसे फिर से कहीं पर भी नहीं पहनाया  जाता है...👉

काम में नहीं लिया जाता है इसलिए उस तिरंगे को स सम्मान जला दिया जाता है या फिर...👉

 उस तिरंगे के ऊपर एक पत्थर को बांधकर जल समाधिस्थ  कर दिया जाता है यानी कि उसे जल के अंदर डूबा दिया जाता है...👉

जिससे वह धीरे-धीरे पानी में गाल जाता है और फिर पानी के साथ में बह जाता है...👉

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रचयिता वैंकेया पिंगली है किसके बारे में हम सब को अभी तक कंही पर भी या किसी भी...👉

इतिहास की किताबों में पढ़ने को नहीं मिला, ऐसे महापुरुष को उच्च लेवल का सम्मान मिलना चाहिए...👉

भारत के राष्ट्रीय ध्वज निर्माण/डिजाइन 31 मार्च 1921 को  किया था। जो मार्च 2022 में ध्वज तिरंगे ने  अपने 101 साल पूरे कर लिए है।