घर में नहीं थे किराए के पैसे लेकिन हिम्मत और हौसलों से सूम ली सफलता की मंजिल आदिवासी  लड़की बनी IPS, ips siridhanya success story...👉

केरल के वायनाड जिले की रहने वाली श्रीधन्य सुरेश ने वर्ष 2018 में UPSC एग्जाम को पास कर IPS अफसर बानी थी  हालांकि...👉

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 यह कामयाबी  काफी चुनौतीपूर्ण रही है लेकिन श्रीधन्य ने अपनी हिम्मत को नहीं टूटने दिया और आखिरकार सफलता को प्राप्त कर लिया...👉

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श्रीधन्य के घर की आर्थिक बड़ी ही स्थिति कमजोर थी इनके पिता जी दिहाड़ी मजदूरी करते थे जो गांव के बाजार में धनुष-तीर बेच कर घर का गुजारा करते थे और...👉

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 श्रीधन्य की मां भी नरेगा मजदूरी करती थी और इन दोनों के कमाने के बावजूद भी  महंगाई में  घर की आर्थिक समस्या बनी रहती थी...👉

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इनका घर भी बड़ी मुश्किल से चलता था लेकिन श्रीधन्या   माँ बाबा ने कभी भी अपने बच्चों को पढ़ाई में पीछे नहीं रखा और...👉

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 ना ही कभी लड़के और लड़की में फर्क समझा, माँ बाबा ने बेटी की पढ़ाई पर भी उतना ही ध्यान दिया जितना कि अपने बेटे की पढ़ाई पर...👉

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घर के आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण श्रीधन्य ने अपने स्कूली पढ़ाई को सरकारी स्कूल से ही किया और...👉

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 फिर कॉलेज लेवल की डिग्री के लिए भी इन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज में ही ग्रेजुएशन किया और...👉

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पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद श्रीधन्य गवर्नमेंट नौकरी की तलाश में जुट गई और इनकी एक कलर्क की गवर्नमेंट जॉब भी लग गई...👉

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लेकिन जब  कॉलेज मैं रहते हुए मन में जो सपना पाला था उसे पूरा करने का विचार आया तो इन्होंने कलर्क की जॉब के साथ ही यूपीएससी एग्जाम की तैयारी करने में लग गई...👉

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 श्रीधन्या  सुरेश ने 2016 और 17 में यूपीएससी एग्जाम दिया लेकिन असफल रही फिर उन्होंने 2018 में एग्जाम दिया...👉

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जब यूपीएससी एग्जाम को पास कर लिया था तो घर में एक खुशी वह उत्सव की लहर दौड़ गई, लेकिन जब इंटरव्यू...👉

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का टाइम आया तो सभी घर वालों के चेहरे उतर गए और सब निराश हो गए, क्योंकि उस समय ऐसी परिस्थिति थी...👉

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उनके पास अपने राज्य से दिल्ली तक आने तक का किराया नहीं था  लेकिन इसी बीच श्रीधन्या  के दोस्तों को इस बात की जानकारी हुई तो...👉

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उन्होंने मिलकर श्रीधन्या  के लिए कुछ पैसा इकट्ठा किया और उन्हें दिया, इसके बाद दिल्ली जाकर इंटरव्यू दिया और...👉

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 रिजल्ट आया, रिजल्ट में इन्होंने 410 वी रैंक हासिल की थी और अपने समाज का नाम रोशन किया...👉

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 क्योंकि श्रीधन्या  अपने समाज की  यह पहली आदिवासी महिला हैं जिन्होंने यूपीएससी एग्जाम को पास IPS बनने का गौरव पाया।

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