Rajinikanth Biography in Hindi | रजनीकांत का जीवन परिचय

असली सुपरस्टार रजनीकांत कैसे बने बस कंडक्टर से अभिनेता

Intro – Rajinikanth को शायद ही कोई ऐसा हो जो नहीं जानता हो क्योंकि rajinikanth का साउथ की फिल्मो में योगदान जो है वो भुलाया नहीं जा सकता और ऐसा भी सुनने में आता है कि रजनीकांत जो है वो बहुत दानशील है और यदा कदा सामाजिक कामों के लिए दान देते रहते है हालाँकि चेन्नई में आने वाली बाढ़ आपदा के लिए थोडा विवाद भी सोशल मीडिया में हुआ था अब ये सही है या नहीं इसके लिए कोई पुख्ता सोर्स नहीं है लेकिन उस समय सोशल मीडिया के मुताबिक rajinikanth ने 10 लाख दान में दिए थे जिसकी वजह से इन्हें आलोचना का शिकार होना पड़ा जिसके बाद rajinikanth ने 10 करोड़ मुख्यमंत्री जयललिता की सरकार के मुख्यमंत्री रिलीफ फण्ड में जमा किये | रजनीकांत के बारे में और उनकी एक्टिंग के बारे में जितना कहा जाये कम है क्योंकि यही वो है जिसने करोड़ो दर्शकों के दिल में अपनी छाप छोड़ी है और लोग इनके दीवाने है खासतौर पर इनकी फिल्मो में होनी वाली एंट्री को देखने के लिए लोग बेताब रहते है और एंट्री होते ही सिनेमा में “ थलाईवा-थलाईवा “ चिल्लाने लगते है जिसका मतलब होता है ‘ बॉस ’तो चलिए बात करते है इस महान एक्टर की जिन्दगी के बारे में ‘ rajinikanth biography in hindi ‘ सेक्शन में |

Rajinikanth Biography in Hindi

Rajinikanth Biography in Hindi
वास्तविक नामशिवाजी राव गायकवाड़
जन्म दिनांक 12 दिसम्बर 1950
जन्म स्थान बंगलौर
आयु72 वर्ष (आयु 2022 के अनुसार)
ऊंचाई सेंटीमीटर में – 173 सेमी
मीटर में – 1.73 मीटर
वजन 73 Kg
राशी धनु
पितारामोजी राव गायकवाड़ (पुलिस कांस्टेबल)
मातारमाबाई
पत्नीलता
बेटियांऐश्वर्या, सौंदर्या
पहली फिल्मअपूर्वा रागंगाल
शैक्षिक योग्यताअभिनय में कोर्स

Early life and info – रजनीकांत का असली नाम ‘ शिवाजी राव गायकवाड ’ है rajinikanth का जन्म 12 Dec 1950 को कर्णाटक के बंगलौर में मराठी परिवार में हुआ | रजनी की माता ‘रामबाई’ एक हाउसवाइफ और पिता रामोजी राव गायकवाड़ एक पुलिस कांस्टेबल थे | rajinikanth का नाम मराठा योद्धा “ छत्रपति शिवाजी “ के नाम पर रखा गया | रजनीकांत के पूर्वज आज के समय में जो पुणे है वंहा से बिलोंग करते है | बहन अस्वथ बालूभाई और दो बड़े भाई सत्यनारायण राव और नागेश्वर राव के साथ चार बहन भाईयों में वो सबसे छोटे है | पापा के रिटायरमेंट के बाद जब परिवार समेत रजनीकांत बंगलोर के आके बस गये थे तभी 9 साल की उम्र में उन्होंने अपनी माता रमाबाई को खो दिया

Education and Hobbies – रजनी ने ‘ गाविपुरम गवर्नमेंट कन्नड़ मॉडर्न प्राइमरी स्कूल ‘ नाम के स्कूल से अपनी प्राइमरी एजुकेशन पूरी की और कहते है rajinikanth उस समय बड़े पढ़ाकू किस्म के बच्चे थे | इसके बाद उन्हें उनके भाई ने ‘रामकिशन मिशन’ द्वारा संचालित एक मठ में जिसे ‘रामकृष्ण मठ’ के नाम से जाना जाता था में एडमिशन दिलवा दिया जिसकी वजह से वंहा कई पढाई लिखाई के साथ साथ rajinikanth में आध्यामिक रवैया में भी रूचि विकसित हो गयी और वंहा उन्होंने मठ में होने वाले कार्यक्रमों में भी भाग लेना शुरू किया जो सांस्कृतिक प्रोग्राम थे और इसके बाद उनका interest जो है वो बढ़ता गया और उन्हें एक नाटक में महाभारत के एक किरदार एकलव्य के दोस्त के रूप में करने का मौका मिला जिसे न केवल दर्शकों की सराहना मिली बल्कि साथ ही महशूर कवि ‘ डी आर बेंद्रे’ की तरफ से भी सराहना मिली | उसके बाद रजनीकान्त ने किसी ‘ आचार्य पाठशाला पब्लिक स्कूल ‘ में एडमिशन लिया और अपने स्कूलिंग के दौरान भी उन्होंने नाटकों में भाग लेना जारी रखा जिसकी वजह से उनके थिएटर का शौक बढ़ता चला गया और जिसे बाद में जाके एक मुकाम भी मिला |

Career and Struggle – अपनी एजुकेशन के बाद के दिन जन्हा से आदमी अपने करियर के बारे में सोचना शुरू करता है वंहा उन दिनों रजनीकांत के दिन बड़े मुश्किल रहे है उन्होंने में बंगलौर और मद्रास शहर में कई तरह के काम किये जिसमें से कुली का काम और कारपेंटर का काम भी था लेकिन रजनी को नहीं पता था इन्ही दिनों उनकी किस्मत बदलने वाली है असल में हुआ यूँ कि “ बंगलोर ट्रांसपोर्ट सर्विस “ में भर्ती निकली और जिसमे rajinikanth सेलेक्ट हो गये लेकिन फिर भी चूँकि यह केवल मनी प्रॉब्लम दूर करने के लिए था जो कुछ हद तक हो भी गया था लेकिन उसके बाद भी rajinikanth को जो करना था वो उस से कंही अलग था जिसकी वजह से होने वाले स्टेज शोज में भी रजनी भाग लेते रहते थे और वन्ही उनकी किस्मत भी उन्हें लेके जा रही थी जब एक बार rajinikanth ने अख़बार में एक विज्ञापन देखा जो एक नये खुले फिल्म इंस्टिट्यूट “ मद्रास फिल्म इंस्टिट्यूट” का था और फिल्मो में काम करने के लिए कोर्स उपलब्ध करवाता था | रजनीकान्त ने इस बारे में घर पर बात कि लेकिन वित्तीय हालत ठीक नहीं होने की वजह से परिवार ने पूरी तरह उन्हें सपोर्ट नहीं किया लेकिन साथ काम करने वाले एक मित्र राज बहादुर ने ऐसे समय में उनकी बहुत मदद की और किसी तरह इंस्टिट्यूट में दाखिला दिलवाया जन्हा पर स्टेज शोज करने के दौरान उनकी परफॉरमेंस को तमिल फिल्म प्रोडूसर “ के बालाचंदर “ को काफी attract किया | बालाचंदर ने ही rajinikanth को तमिल सीखने के लिए प्रेरित किया जिसे rajinikanth ने तुरंत उनकी बात पर गौर करते हुए हामी भर दी |

Film and Success – रजनीकांत ने अपने फिल्म करियर की शुरुआत तमिल फिल्म  Apoorva Raagangal से ही की जो बालाचंदर की ही थी और इसमें उन्होंने एक गली गलौच करने वाले पति की भूमिका को किया है हालाँकि शुरुआत के समय से ही यह फिल्म थोड़ी विवादित रही थी लेकिन इसके बाद भी इस फिल्म को आलोचकों से बहुत सराहना मिली और रजनीकांत के काम को भी सराहा गया | इसके बाद rajinikanth धीरे धीरे तमिल फिल्मो के सरताज बन गये क्योंकि उनके अभिनय और सवांदो को बोलने की उनके खास स्टाइल की वजह से धीरे धीरे रजनी दर्शकों के दिलों की धड़कन बन गये और एक स्थापित सितारे के रूप में जाने जाते है | उसके अलावा रजनी न केवल तमिल फिल्मो की वजह से जाने जाते है परन्तु उन्होंने साउथ की कई भाषाओँ में जैसे मलयालम और कन्नड़ भाषा की फिल्मो में भी काम किया है | 1983 में उन्होंने अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘ अँधा कानून ’ में हेमा मालिनी और अमिताभ बच्चन के साथ काम किया |

Awards – रजनीकांत को तमिल फिल्मो में काम करने के लिए और अपने योगदान के लिए बहुत सारे अवार्ड्स मिल चुके है और award तो अलग साउथ के लोगो का सपोर्ट भी रजनीकांत के लिए अलग level का है न केवल लोग उनसे प्यार करते है बल्कि उन्हें इतनी रेस्पेक्ट देते है जो रेयर ही किसी फिल्म स्टार के लिए देखने को मिलती है | साथ ही एक खास बात आपको बता दें कि फिल्म शिवाजी में काम करने के लिए उन्हें 43 करोड़ से अधिक का भुगतान मिला जिसकी वजह से वो एशिया के अंदर चीन के जेकी चैन के बाद सबसे अधिक भुगतान पाने वाले actors में से एक हो गये है और यह अपनी तरह का एक रिकॉर्ड भी है | रजनीकांत के चाहने वाले साउथ इंडिया में सबसे अधिक है और यंहा तक कि rajinikanth ने जब अपना ट्विटर अकाउंट खोला तो अकाउंट खोलने के पहले 24 hours में 2,10,000 से अधिक फोल्लोवेर उनके हो गये |

Achievement – rajinikanth पहले ऐसे एक्टर है जिनको CBSE ( Central board of secondary Education ) के सिलेबस में जगह मिली क्योंकि रजनीकांत के बारे में एक नया पाठ “ From Bus Conductor to Superstar “ किताबों में जोड़ा गया | इसके अलावा rajinikanth पर ढेर सारे चुट्कुले और किस्से इन्टरनेट पर आपको मिल जायेंगे |

Political view – इसके अलावा रजनीकांत के राजनीति में उतरने को लेकर बहुत सारे कयास लगते रहे है लेकिन रजनी ने हमेशा इस से मना किया है एक बार तो फोल्लोवेर्स ने उन्हें राजनीती में आने के लिए फाॅर्स करने के लिए एक पार्टी तक बना ली जिसके बाद rajinikanth को मीडिया में आके सफाई देनी पड़ी “ कि ऐसे इवेंट से मेरा कोई लेना देना नहीं है “ साथ ही अपने फैनस को ऐसी हरकते नहीं करने के लिए भी रिक्वेस्ट करना पड़ा |Personal life – रजनीकांत की अगर पर्सनल life की बात करें तो रजनी ने  Latha Rangachari के साथ शादी 26 feb 1981 को तिरुपति जो आँध्रप्रदेश में है में की | अब rajinikanth की दो बेटियां है ऐश्वर्या और सौन्दर्या | ऐश्वर्या की शादी एक्टर धनुष से हुई है और सौन्दर्या की शादी आश्विन रामकुमार के साथ हुई है | उसके अलावा rajinikanth की दानशीलता के किस्से कंही भी छुपे हुए नहीं है क्योंकि असल में उनकी बायोग्राफी लिखने वाले  Latha Rangachari ने इस बारे में बात की है कि रजनी कभी नहीं चाहते कि उनके द्वारा की जाने वाली डोनेशन कभी पब्लिक गॉसिप का हिस्सा बने सो उन्होंने कभी इस बारे में खुलकर बात नहीं की लेकिन ऐसा माना जाता है कि रजनी अपनी आधी से ज्यादा कमाई को दान और सामाजिक कार्यों में खर्च कर देते है | शायद यही वजह है कि यह एक्टर इतना महान है और लोगो को इतना लगाव इनसे है |